पटना/बिहार: भोजपुरी संगीत जगत के लोकप्रिय युवा गायक रितेश पांडे ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। रितेश ने आज अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए पार्टी की सदस्यता छोड़ने की घोषणा की और इसके पीछे की वजह भी स्पष्ट रूप से बताई।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में रितेश ने जन सुराज के टिकट पर रोहतास जिले की करगहर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली (मात्र लगभग 10-16 हजार वोट मिले और वे चौथे स्थान पर रहे)।
रितेश पांडे ने अपने पोस्ट में लिखा कि एक जिम्मेदार भारतीय नागरिक के रूप में उन्होंने जन सुराज पार्टी से जुड़कर लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लिया। चुनावी नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहे, लेकिन उन्हें कोई अफसोस नहीं है क्योंकि उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपना दायित्व निभाया। उन्होंने इसे एक सीख भरा अनुभव बताया और जनता से मिले प्यार व सहयोग को अपनी सबसे बड़ी पूंजी करार दिया।
इस्तीफे की वजह बताते हुए रितेश ने कहा, “अब मैं उसी काम के जरिए जनता की सेवा जारी रखना चाहता हूं, जिससे लोगों ने मुझे पहचान और सम्मान दिया। मैं एक मामूली किसान परिवार का लड़का हूं, जनता के प्यार, दुलार और आशीर्वाद ने ही मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है। लेकिन किसी राजनीतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर यह सेवा पूरी ईमानदारी से करना मेरे लिए बहुत मुश्किल हो रहा है। इसलिए आज मैं जन सुराज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं। उम्मीद है आप लोग मेरे फैसले को समझेंगे।”
रितेश पांडे भोजपुरी इंडस्ट्री में “हैलो कौन”, “लहंगा लखनऊआ”, “कमरिया दुखाता ए राजा जी” जैसे सुपरहिट गानों से युवाओं के बीच खासी लोकप्रियता रखते हैं। वे गायक होने के साथ-साथ अभिनेता भी हैं और सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। उनकी फैन फॉलोइंग खासकर ग्रामीण इलाकों में मजबूत है।
रितेश पांडे के चुनाव प्रचार और करगहर सीट से जुड़ी यादें:

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के बजाय मजबूत कर सकता है, क्योंकि उन्होंने अपनी सीमाओं और प्राथमिकताओं को खुले दिल से स्वीकार किया है। फिलहाल रितेश ने भविष्य में किसी अन्य दल से जुड़ने या राजनीति में वापसी के बारे में कोई संकेत नहीं दिया है। संभावना है कि वे अब पूरी तरह से संगीत करियर और सामाजिक कार्यों पर फोकस करेंगे।
यह घटना बिहार की वैकल्पिक राजनीति और नए प्रयोगों की चर्चाओं के बीच आई है, जहां कई सेलिब्रिटी नेता बनकर उतरे थे। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि रितेश पांडे आगे किस रास्ते पर चलते हैं।